जयपुर में अवैध निर्माण का खेल: किशनपोल बाजार में पुराने मकान पर बनी नई मंजिल, नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
जयपुर में अवैध निर्माण का खेल: किशनपोल बाजार में पुराने मकान पर बनी नई मंजिल, नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
*जयपुर, 09 फरवरी 2026 (देश का दर्पण ब्यूरो):** राजधानी जयपुर के किशन पोल बाजार इलाके में अवैध निर्माण का एक और मामला सामने आया है, जहां नगर निगम अधिकारियों की कथित मिलीभगत से एक पुराने मकान पर नई मंजिल का निर्माण पूरा हो गया। स्थानीय निवासियों और पत्रकारों की शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह मकान राजा-महाराजाओं के जमाने का पुराना है, जिस पर बिना अनुमति के दोबारा निर्माण किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि निर्माण कार्य कई दिनों तक पर्दे लगाकर चुपचाप चलता रहा, जबकि नगर निगम के कर्मचारी इसे देखते रहे। एक पत्रकार ने नगर निगम अधिकारियों से मिलकर इसकी सूचना दी थी, जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मकान मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है और काम रुकवा दिया जाएगा। हालांकि, इसके बावजूद निर्माण जारी रहा और अब मकान पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है।
पत्रकार ने दोबारा अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, "हम दोबारा टीम भेजकर काम रुकवाते हैं।" लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता का कहना है कि 50,000 से 1,00,000 रुपये तक की मोटी सैलरी पाने वाले अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और अपने क्षेत्रों से धन उगाही कर रहे हैं। इसी कारण इलाके में कई जगहों पर अवैध निर्माण हो रहे हैं, पुराने मकानों पर बिना सोचे-समझे नई मंजिलें चढ़ाई जा रही हैं। सरकार के नियम-कायदों को ताक पर रखकर ये कार्य बेखौफ जारी हैं।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि निर्माण में कोई त्रुटि हुई तो मकान गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल उठ रहा है कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी कौन लेगा? आमतौर पर दुर्घटना होने पर अधिकारी जांच की बात कहकर लोगों को गुमराह करते हैं और कुछ दिनों बाद चुप हो जाते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों की मेज पर मोटी रकम पहुंचने के कारण ही ऐसे निर्माण रुक नहीं पा रहे हैं।
इस इलाके में अवैध निर्माणों की बाढ़ आई हुई है, लेकिन उच्च स्तर के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। नगर निगम से संपर्क करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला। देश का दर्पण इस मामले की जांच जारी रखेगा और अधिकारियों से जवाब मांगेगा। यदि आपके इलाके में भी ऐसे मामले हैं, तो हमें सूचित करें।


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