जयसिंहपुरा खोर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार-जेडीए से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट, सरकारी जमीन का सर्वे कर हर अवैध कब्जे का ब्यौरा पेश करने के निर्देश











जयसिंहपुरा खोर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार-जेडीए से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट, सरकारी जमीन का सर्वे कर हर अवैध कब्जे का ब्यौरा पेश करने के निर्देश

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर हाईकोर्ट की सख्ती, जयसिंहपुरा खोर मामले में जेडीए को सर्वे, सड़क चौड़ाई बरकरार रखने और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश

अजय सिंह 

जयपुर- 

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने जयसिंहपुरा खोर स्थित सरकारी भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने सूरजपोल गेट से जयसिंहपुरा खोर तक सरकारी भूमि पर हुए सभी अतिक्रमणों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा न्यायालय के समक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
यह जनहित याचिका दिलशाद अली पुत्र इश्तियाक अली की ओर से दायर की गई है। याचिका में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामले में राज्य सरकार, जयपुर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन सहित अन्य संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।
3 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जी.एस. गिल ने नोटिस स्वीकार किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण, उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा वर्तमान स्थिति का तथ्यात्मक विवरण अदालत में प्रस्तुत करें।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ट्रांसपोर्ट नगर से आमेर रोड क्रॉसिंग तक जेडीए मास्टर प्लान में निर्धारित सड़क की चौड़ाई हर हाल में बरकरार रखी जाए। साथ ही जेडीए को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि का सर्वे कर यह बताने को कहा गया है कि कहां-कहां अवैध कब्जे हैं और उन्हें हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी वैध निवासी के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। संबंधित अधिकारियों को पहले यह सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कौन लोग वैध रूप से रह रहे हैं और किन लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। जांच पूरी होने के बाद केवल अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी। उस दिन राज्य सरकार, जेडीए और अन्य संबंधित विभागों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी। जयसिंहपुरा खोर के इस बहुचर्चित अतिक्रमण मामले पर अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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