_मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बीआईएसएजी (एन) के सहयोग से प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग में डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा देने के लिए अहम बैठक_



_मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बीआईएसएजी (एन) के सहयोग से प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग में डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा देने के लिए अहम बैठक_

*विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान गांव और शहरों के सुनियोजित विकास का रोडमैप*

*अभियान में डिजिटल मैपिंग का करें अधिकाधिक उपयोग*

*पीएम गतिशक्ति के माध्यम से विकास परियोजनाओं की हो सकेगी रीयल टाइम मॉनिटरिंग* 

*योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी, संसाधनों का होगा अधिकतम उपयोग*

 - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा 

 जयपुर, 02 अप्रेल। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान के अंतर्गत स्थानीय लोगों से सुझाव लेते हुए वर्ष 2030, 2035 एवं 2047 तक की आवश्यकताओं के अनुरूप गांव एवं शहरों के विकास का मास्टर प्लान एवं रोडमैप तैयार किया जा रहा है। मैपिंग इस अभियान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तभ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान की डिजिटल मैपिंग के लिए भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) से सहयोग प्राप्त करते हुए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। 

 श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर बीआईएसएजी (एन) द्वारा विभिन्न विभागीय परियोजनाओं में डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा देने के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान में इस तकनीक से गांवों और शहरों की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजना तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र विशेष की मूलभूत आवश्यकताओं को समझते हुए प्लानिंग बनाने में यह सहायक होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के तहत डिजिटल मैपिंग का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि 19 मार्च से 15 मई तक संचालित इस अभियान के अंतर्गत 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायत एवं 10 हजार से अधिक शहरी वार्ड शामिल हैं। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआईएसएजी (एन) द्वारा पीएम गतिशक्ति के तहत विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी विभागों की परियोजनाओं को एकीकृत करके कार्यों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग संभव है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्लेटफॉर्म का प्रयोग करते हुए परियोजनाओं में विकास से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर इसका उपयोग किया जाए। 

 बैठक में बीआईएसएजी (एन) के महानिदेशक श्री टीपी सिंह ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि बीआईएसएजी (एन) द्वारा जीआईएस आधारित तकनीक का उपयोग करते हुए डेटा इंटीग्रेशन तथा बुनियादी ढ़ाचे से जुड़ी योजनाओं की सटीक लोकेशन सहित विभिन्न विकास कार्यों की मैपिंग का कार्य किया जाता है। इसके माध्यम से देशभर में सड़क, रेल, ऊर्जा, जल और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं से एक ही प्लेटफॉर्म पर देखने के साथ ही समन्वित भी किया जा रहा है।

 इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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