डीडवाना , जिला बनने के बाद भी बदहाली के आंसू रो रहा डीडवाना करोड़ों की सीवरेज योजना बनी जनता के लिए नासूर
डीडवाना , जिला बनने के बाद भी बदहाली के आंसू रो रहा डीडवाना करोड़ों की सीवरेज योजना बनी जनता के लिए नासूर डीडवाना।राजस्थान के मानचित्र पर जिला बनकर उभरा डीडवाना अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जिस सीवरेज परियोजना को शहर की कायाकल्प करने के लिए करोड़ों के बजट के साथ लाया गया था, वह आज भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ चुकी है। आलम यह है कि करोड़ों रुपए बहाने के बाद भी शहर की गलियां और मुख्य बाजार गंदगी से सराबोर हैं, और जिम्मेदार प्रशासन 'खानापूर्ति' के खेल में मस्त है। *सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, डूबने की कगार पर शहर* शहर के मुख्य बाजारों, बैंकों के बाहर, शिक्षण संस्थानों और रिहायशी मोहल्लों में सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजों में काम कर रहा है। यदि शहर में दो-तीन अच्छी बारिश हो जाए, तो पूरा डीडवाना जलमग्न हो जाएगा। नगर परिषद द्वारा प्रतिवर्ष चैंबरों की सफाई और पानी लिफ्ट करने के नाम पर लाखों के टेंडर किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम शून्य है। *नमक की झील और मेला मैदान पर अस्तित्व का संकट* सीवरे...