जयपुर में वकीलों का तीव्र विरोध: निर्विक अस्पताल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग, हाईकोर्ट के बाहर चक्का जाम**
**जयपुर में वकीलों का तीव्र विरोध: निर्विक अस्पताल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग, हाईकोर्ट के बाहर चक्का जाम**
**जयपुर, 17 फरवरी 2026** — राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित **निर्विक हॉस्पिटल** (Nivik Hospital) के संचालक एवं चिकित्सक **डॉ. सोमदेव बंसल** के खिलाफ वकीलों का विरोध तेज हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के बाहर गेट नंबर-3 पर आज वकीलों ने धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया, जिसमें सैकड़ों अधिवक्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग डॉ. बंसल की तत्काल गिरफ्तारी और चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में तेज जांच है।
मामला सितंबर 2025 का है, जब अधिवक्ता **जितेंद्र कुमार शर्मा** की मां का इलाज निर्विक हॉस्पिटल में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. सोमदेव बंसल द्वारा की गई कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद जितेंद्र शर्मा ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि कई महीनों बीत जाने के बावजूद पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया और जांच को गति नहीं दी।
इससे नाराज जयपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पहले हॉस्पिटल परिसर में विरोध जताया, जो अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने नारेबाजी की, प्लेकार्ड लगाए और रास्ता जाम कर दिया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विरोध के दौरान हॉस्पिटल परिसर में भीड़भाड़ और असुविधा हुई, जिसे कुछ पक्षों ने "उपद्रव" बताया है।
**वकीलों की प्रमुख मांगें:**
- डॉ. सोमदेव बंसल की तत्काल गिरफ्तारी
- चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में फास्ट-ट्रैक जांच
- पीड़ित परिवार को न्याय और मुआवजा
- अस्पताल की लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों की जांच
डॉ. सोमदेव बंसल और हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में हॉस्पिटल के पक्ष में मरीजों के फीडबैक साझा किए गए हैं, जहां ब्रेन स्ट्रोक जैसे गंभीर मामलों में सफल इलाज का दावा किया गया है।
यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही के आरोपों और वकील समुदाय की एकजुटता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। हाईकोर्ट परिसर में प्रदर्शन से न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
**देश का दर्पण** से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विरोध पिछले कुछ दिनों से जारी है और दूसरे-तीसरे दिन भी प्रदर्शन चला।

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