राज्य सरकार निरंतर बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर कृषि जिन्सों की कर रही खरीद - सहकारिता मंत्री


राज्य सरकार निरंतर बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर कृषि जिन्सों की कर रही खरीद - सहकारिता मंत्री

जयपुर, 16 फरवरी। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गोतम कुमार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लगातार बढ़ाया गया है तथा राज्य सरकार निरंतर बढ़े हुए मूल्य पर कृषि जिन्सों की खरीद कर रही है। साथ ही किसानों की उपज को एमएसपी पर निश्चित समयावधी में खरीदने के लिए पंजीयन की तिथि सहित अन्य आवश्यक कार्यों को भी समय से पूर्व ही पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में गेंहू के समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 150 रुपये का बोनस प्रदान कर किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्तमान राज्य सरकार ने गेहूं की दुगनी खरीद की है। 

सहकारिता राज्य मंत्री श्री गोतम कुमार प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री सुरेश गुर्जर द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि विगत सरकार के कार्यकाल में किसानों से मात्र 1 लाख 74 हजार 600 मी. टन मूंगफली की खरीद की गई। वहीं, वर्तमान राज्य सरकार ने सिर्फ दो वर्षों में ही 7 लाख 94 हजार मी. टन (पांच गुना) अधिक मूंगफली खरीद कर 2 लाख 30 हजार किसानों को लाभान्वित किया है।

उन्होंने कहा कि फसलों का बाजार भाव साल भर एक जैसा नहीं रहता है। बाजार भाव जिन्‍सों के उत्पादन की मात्रा, गुणवत्ता, क्षेत्र एवं मांग के अनुसार बदलता रहता है। मंत्री श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर कृषि जिंस का विक्रय करना किसानों के लिए बाध्यकारी नहीं है। फसल का बाजार भाव अधिक होने पर स्वाभाविक रूप से एमएसपी पर खरीद कम हो जाती है। 

उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में निरंतर बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2014 में मूंग का समर्थन मूल्य ₹4500 प्रति क्विंटल था वह वर्तमान में 8700 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं, उड़द 4300 रुपये से बढ़ाकर के 7800 रुपये, सोयाबीन  2500 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये, चना 3100 रुपये से बढ़ाकर 5875 रुपये तथा सरसों की एमएसपी को 3000 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6200 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

इससे पहले विधायक श्री गुर्जर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता राज्य मंत्री ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनान्तर्गत जिन्स खरीद के लक्ष्य भारत सरकार के स्तर पर निर्धारित किये जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2024 तथा 2025 में फसलों के निर्धारित लक्ष्य तथा क्रय की गई मात्रा का विवरण सदन के पटल पर रखा। साथ ही, दलहन एवं तिलहन खरीद का जिलेवार संख्यात्मक तथा गेहूं खरीद का जिलेवार संख्यात्मक विवरण भी सदन की मेज पर रखा।

मंत्री श्री गोतम कुमार ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनान्तर्गत दलहन-तिलहन खरीद के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में कृषि जिन्सों के संभावित उत्पादन की अधिकतम 25 प्रतिशत खरीद के लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य का निर्धारण विगत वर्षों के खरीद के अनुभवों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य किसानों से उनकी उपज की खरीद के संदर्भ में कोई सीमांकन नहीं करता है। इस दौरान उन्होंने गत दो वर्षों में जिन्स के उत्पादन तथा समर्थन मूल्य खरीद का विवरण तथा गत दो वर्षों में फसलों का औसत बाजार भाव एवं समर्थन मूल्य का विवरण सदन के पटल पर रखा।

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