चौमूं में मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर भड़की हिंसा, पुलिस पर पथराव; 4-6 जवान घायल, इंटरनेट बंद

चौमूं में मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर भड़की हिंसा, पुलिस पर पथराव; 4-6 जवान घायल, इंटरनेट बंद
जयपुर, 26 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सटे चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ा बवाल हो गया। बस स्टैंड इलाके में एक मस्जिद के पास सड़क किनारे वर्षों से पड़े पत्थरों को हटाने और लोहे की रेलिंग लगाने के काम ने विवाद का रूप ले लिया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में 4 से 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चौमूं बस स्टैंड के पास कलंदरी मस्जिद के बाहर करीब 45 वर्षों से सड़क पर पत्थर पड़े थे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। एक दिन पहले पुलिस और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें सहमति बनी कि पत्थर हटाए जाएंगे। गुरुवार को पत्थर हटाने का काम पूरा हो गया, लेकिन देर रात करीब 3 बजे जब रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ तो कुछ लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। पथराव में कई पुलिसकर्मियों के सिर फट गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि रात करीब 2-3 बजे पुलिस पर हमला किया गया, जिसमें कुछ जवान घायल हुए। अतिरिक्त बल बुलाकर हालात को काबू में कर लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की फोर्स, दंगा नियंत्रण वाहन और भारी पुलिस बल क्षेत्र में तैनात किया गया है। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) संजय अग्रवाल ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों को रोकने के लिए चौमूं क्षेत्र में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं (सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और बल्क मैसेज) बंद कर दी गई हैं। सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में 75 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
फिलहाल इलाका छावनी में तब्दील हो गया है और पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और शांति की अपील कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह अतिक्रमण हटाने की सामान्य कार्रवाई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे हिंसक रूप दे दिया।
यह घटना राजस्थान में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां छोटे विवाद जल्दी सांप्रदायिक रंग ले लेते हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले की जांच जारी है।

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