भीलवाड़ा से सनसनीखेज मामला: नामचीन डॉक्टर से 90 लाख की फिरौती मांगी, अपने ही अस्पताल के 4 कर्मचारियों ने किया ब्लैकमेल; पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार किया# भीलवाड़ा ब्रेकिंग

भीलवाड़ा से सनसनीखेज मामला: नामचीन डॉक्टर से 90 लाख की फिरौती मांगी, अपने ही अस्पताल के 4 कर्मचारियों ने किया ब्लैकमेल; पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार किया





**भीलवाड़ा, 19 फरवरी 2026** – राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के मालिक और सीनियर डॉक्टर को लंबे समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोपी ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 90 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी। पीड़ित डॉक्टर ने सुभाष नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने महज कुछ घंटों में मामले का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित डॉ. अभिषेक पंवार (44 वर्ष), जो आरसी व्यास कॉलोनी में रहते हैं और शहर के एक पॉश इलाके में अपना निजी अस्पताल चलाते हैं, काफी समय से परेशान थे। ब्लैकमेलिंग का सिलसिला दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था। आरोपी ने डॉक्टर को व्हाट्सएप पर एक 7-10 सेकंड का संदिग्ध अश्लील वीडियो भेजा और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। धमकी में कहा गया कि अगर 90 लाख रुपये नहीं दिए तो 10 मिनट में उनकी जिंदगी और प्रतिष्ठा बर्बाद कर दी जाएगी। बाद में सौदेबाजी के दौरान रकम 60 लाख तक भी कम की गई, लेकिन डॉक्टर ने पुलिस का रुख किया।

डॉक्टर ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें परेशान किया जा रहा था और यह साजिश उनके ही अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की हो सकती है, जिन्होंने उनकी निजी जानकारी लीक की या रेकी की। जांच में यही बात सही साबित हुई।

सुभाष नगर थाना प्रभारी कैलाश कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर के निजी अस्पताल में ही काम करने वाले चार नर्सिंग स्टाफ/कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी हैं - जफर, इमरान, अजय और जगदीश। इनमें से कुछ नर्सिंग स्टाफ बताए जा रहे हैं। आरोपियों ने एक खूंखार अपराधी (संभवतः किसी गैंग) के नाम का इस्तेमाल कर धमकी दी थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और अन्य सबूतों के आधार पर जाल बिछाया और चारों को दबोच लिया।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 308(5), 61(2) के साथ आईटी एक्ट की धारा 67A सहित अन्य संगीन धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब पूछताछ कर रही है कि क्या इसमें कोई बाहरी अपराधी या बड़ा नेटवर्क शामिल है या नहीं।

यह घटना शहर में सनसनी फैला रही है, क्योंकि आरोपी डॉक्टर के ही स्टाफ थे, जिन्हें वे परिवार की तरह मानते थे। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि वे लगातार धमकियों से परेशान थे और अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और पीड़ित को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह मामला एक बार फिर निजी संस्थानों में कर्मचारियों की विश्वसनीयता और साइबर ब्लैकमेलिंग के बढ़ते खतरे को उजागर करता है।


ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें और किसी भी धमकी को नजरअंदाज न करें।



Es स्क्रिप्ट को लगा देना ऊपर जो स्क्रिप्ट दिया गया वह छोटा है इसलिए इसको दे रहा हूं

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