नीमराणा में औद्योगिक सुरक्षा पर आपात बैठक: जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने दिए सख्त निर्देश, भिवाड़ी अग्निकांड के बाद अलर्ट
नीमराणा में औद्योगिक सुरक्षा पर आपात बैठक: जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने दिए सख्त निर्देश, भिवाड़ी अग्निकांड के बाद अलर्ट
नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़), 19 फरवरी 2026 – हाल ही में भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड (जिसमें 7-8 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हुई) को गंभीरता से लेते हुए नीमराणा रीको औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। बैठक नीमराना इंडस्ट्रीज एसोसिएशन भवन में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई।
नीमराना इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल कौशिक ने भिवाड़ी हादसे के बाद सुरक्षा चिंताओं को उठाते हुए इस बैठक का आयोजन करवाया। जिला कलेक्टर ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए कि वे अपने परिसर में फायर सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों की तत्काल जांच करवाएं और उन्हें कार्यक्षम रखें। उन्होंने कहा कि आसपास के उद्योगों के उत्पादन की भी जानकारी लें और अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए संगठन से सहयोग करें।
कलेक्टर ने कचरा, केमिकल युक्त रासायनिक पदार्थ और प्रदूषित जल के निस्तारण के लिए निर्धारित जगह पर ही डिस्पोजल का आदेश दिया। हाईवे किनारे और आबादी क्षेत्र में लगे कबाड़ गोदामों को हटाने के निर्देश दिए ताकि आगजनी जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने जोर दिया कि सभी श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हो। किराए पर चलने वाले संस्थानों में नशा या अवैध गतिविधियों की जांच के लिए रीको अधिकारियों से सहयोग मांगा। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी सहारण ने फायर सिस्टम की नियमित जांच पर बल दिया।
रीको के उपमहाप्रबंधक राहुल भट्ट ने आश्वासन दिया कि सभी उद्योगों के उत्पादन और गतिविधियों की जांच की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई होगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची, उप जिला कलेक्टर महेंद्र यादव, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक भंवरलाल सैनी, विभिन्न एसोसिएशन अध्यक्षों और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी का बाइट: "उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी संस्थानों से सहयोग की अपेक्षा है ताकि श्रमिकों की जान माल की रक्षा हो और ऐसे हादसे रोके जा सकें।"


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