मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में किया गौ पूजन- हमारी सनातन संस्कृति में गौ माता का पूजनीय स्थान, राज्य सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध, गौ सेवा के लिए समर्पित होकर करें काम - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा - गोपाष्टमी के अवसर पर की गौ माता की पूजा-अर्चनाजयपुर, 30 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गौ माता का हमारी सनातन संस्कृति में पूजनीय स्थान है। गोपाष्टमी का पर्व हमें गौ माता की सेवा करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारा गौरव है तथा जीवन का आधार है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि गौ सेवा के लिए समर्पित होकर कार्य करें, साथ ही गोशालाओं से जु़ड़कर गौ संरक्षण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।श्री शर्मा गुरुवार को गोपाष्टमी के अवसर पर मांग्यावास स्थित सद्गुरू टेऊँराम गोशाला तथा रेनवाल स्थित जोतड़ा गोशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। गौ उत्पादों का पोषण और पंचगव्य का औषधीय महत्व सर्वविदित है। ऐसे में गौ पूजन धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गौ माता के संवर्धन एवं उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार द्वारा प्रत्येक पंजीकृत गौ शाला को प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गौ संवर्धन के लिए बैलों से खेती करने वाले किसानों को भी 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष अनुदान राशि दी जा रही है।संत-महंतों का गौ सेवा में बड़ा योगदानश्री शर्मा ने कहा कि गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-मुनि-महंतों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने गौ माता की रक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि गौ सेवा को अपने जीवन का आधार बनाए तथा सरकार के साथ मिलकर गौ संरक्षण के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में किया गौ पूजनगोपाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सबसे पहले सद्गुरू टेऊँराम गौ शाला पहुंचे। उन्होंने वहां सपत्नीक गौ माता की पूजा-अर्चना की तथा गौ माता के तिलक लगाकर गुड़ खिलाया। उन्होंने इस दौरान स्वामी भगतप्रकाश जी का स्वागत-अभिनन्दन भी किया। इसके पश्चात श्री शर्मा ने जोतड़ा गौ शाला पहुंचकर श्री रामकरणजी दास महाराज का माल्यार्पण किया। उन्होंने यहां सपत्नीक गौ पूजन किया तथा गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा की। इस अवसर पर श्री शर्मा का गौ सेवकों एवं आमजन ने स्वागत व अभिनन्दन भी किया। इसके बाद श्री शर्मा ने परिसर में स्थित शिव मंदिर के भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।इस दौरान बड़ी संख्या में गौ सेवक एवं आमजन मौजूद रहे।-----पूनम खण्डेलवाल/आकाश

मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में किया गौ पूजन- हमारी सनातन संस्कृति में गौ माता का पूजनीय स्थान, राज्य सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध, गौ सेवा के लिए समर्पित होकर करें काम - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा - गोपाष्टमी के अवसर पर की गौ माता की पूजा-अर्चना






जयपुर, 30 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गौ माता का हमारी सनातन संस्कृति में पूजनीय स्थान है। गोपाष्टमी का पर्व हमें गौ माता की सेवा करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारा गौरव है तथा जीवन का आधार है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि गौ सेवा के लिए समर्पित होकर कार्य करें, साथ ही गोशालाओं से जु़ड़कर गौ संरक्षण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

श्री शर्मा गुरुवार को गोपाष्टमी के अवसर पर मांग्यावास स्थित सद्गुरू टेऊँराम गोशाला तथा रेनवाल स्थित जोतड़ा गोशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। गौ उत्पादों का पोषण और पंचगव्य का औषधीय महत्व सर्वविदित है। ऐसे में गौ पूजन धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गौ माता के संवर्धन एवं उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार द्वारा प्रत्येक पंजीकृत गौ शाला को प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गौ संवर्धन के लिए बैलों से खेती करने वाले किसानों को भी 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष अनुदान राशि दी जा रही है।

संत-महंतों का गौ सेवा में बड़ा योगदान

श्री शर्मा ने कहा कि गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-मुनि-महंतों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने गौ माता की रक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि गौ सेवा को अपने जीवन का आधार बनाए तथा सरकार के साथ मिलकर गौ संरक्षण के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में किया गौ पूजन

गोपाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सबसे पहले सद्गुरू टेऊँराम गौ शाला पहुंचे। उन्होंने वहां सपत्नीक गौ माता की पूजा-अर्चना की तथा गौ माता के तिलक लगाकर गुड़ खिलाया। उन्होंने इस दौरान स्वामी भगतप्रकाश जी का स्वागत-अभिनन्दन भी किया। इसके पश्चात श्री शर्मा ने जोतड़ा गौ शाला पहुंचकर श्री रामकरणजी दास महाराज का माल्यार्पण किया। उन्होंने यहां सपत्नीक गौ पूजन किया तथा गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा की। इस अवसर पर श्री शर्मा का गौ सेवकों एवं आमजन ने स्वागत व अभिनन्दन भी किया। इसके बाद श्री शर्मा ने परिसर में स्थित शिव मंदिर के भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में गौ सेवक एवं आमजन मौजूद रहे।
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