पंचायत चुनाव 2026: जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
पंचायत चुनाव 2026: जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
जयपुर। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही जयपुर पुलिस आयुक्तालय हरकत में आ गया है। चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जयपुर के चिन्हित पंचायत क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 (पूर्व में CRPC 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) अजय सिंह द्वारा जारी यह आदेश 4 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है और चुनाव आचार संहिता की समाप्ति तक लागू रहेगा।
इन इलाकों में लागू रहेंगे प्रतिबंध
पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले झोटवाड़ा, आमेर, चाकसू, कोटखावदा, सांगानेर, बस्सी और तुंगा क्षेत्रों में पंचायत चुनाव चार चरणों में संपन्न होंगे। इन सभी इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं में सुरक्षा का माहौल कायम करने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं।
प्रमुख दिशानिर्देश एवं प्रतिबंध:
हथियार और विस्फोटक सामग्री पर पूरी रोक: सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्र (रिवाल्वर, बंदूक आदि), धारदार हथियार (तलवार, चाकू, गंडासा आदि), लाठी या विस्फोटक पदार्थ लेकर घूमना और उनका प्रदर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
छूट: चुनाव ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों, धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण धारण करने वाले सिख समुदाय के लोगों, निशक्तजनों/बीमारों (सहारे के लिए लाठी), और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के निशानेबाजों को इससे छूट दी गई है।
बिना अनुमति सभा, जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक: बिना संबंधित पुलिस उपायुक्त की पूर्व स्वीकृति के कोई भी जनसभा, जुलूस, धरना या भाषण आयोजित नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर व ध्वनि प्रसारक यंत्रों की अनुमति मिलने पर भी उनका उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा (शवयात्रा को छोड़कर)।
सोशल मीडिया व आपत्तिजनक सामग्री पर निगरानी: फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब आदि पर धार्मिक उन्माद या जातिगत द्वेष फैलाने वाली पोस्ट शेयर करने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
धार्मिक स्थलों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद: मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च जैसे पूजा स्थलों को चुनाव प्रचार मंच के रूप में प्रयोग करने की सख्त मनाही है।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान व शराब के सेवन पर रोक: सरकारी व सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर, बैनर लगाने या नारा लिखने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा 'ड्राई डे' (सूखा दिवस) पर शराब बिक्री बंद रहेगी।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इन आदेशों और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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