मनोहरपुर पुलिस की बड़ी सफलता: जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, भाई राज गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

https://youtu.be/4B77RFaHHxU?si=rUojYd49kTZWlaIF



मनोहरपुर पुलिस की बड़ी सफलता: जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, भाई राज गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार
मनोहरपुर / जयपुर ग्रामीण:
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने जमीन पर अवैध कब्जे और काश्तकारों में दहशत फैलाने की नीयत से फायरिंग करने वाले गिरोह का महज 24 घंटे के अंदर खुलासा करते हुए कुख्यात ‘भाई राज गैंग’ के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल (RJ52 SH 2193) भी जब्त की है।  
क्या था पूरा मामला?
जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्री हनुमान प्रसाद (IPS) ने बताया कि 3 अक्टूबर 2026 को परिवादी अभिषेक बोहरा (निवासी लबाना, चंदवाजी) ने थाना मनोहरपुर में मामला दर्ज कराया था। परिवादी नवलपुरा स्थित अपनी जमीन की देखभाल व कृषि कार्य करता है। 3 अक्टूबर की रात करीब 1:45 बजे मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाशों ने जमीन पर आकर गाली-गलौज की, पत्थर फेंके और दो बार हवाई फायरिंग कर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना पर पुलिस ने प्रकरण संख्या 219/26 दर्ज कर जांच शुरू की।  
24 घंटे में ऐसे हत्थे चढ़े आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहपुरा (श्री लाखन सिंह) और वृत्ताधिकारी शाहपुरा (श्री लक्ष्मीनारायण सैनी) के सुपरविजन में मनोहरपुर थानाधिकारी आशुतोष सिंह (पु.नि.) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।  
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आसूचना संकलन कर भाई राज गैंग के बदमाशों पर शिकंजा कसा। जांच में सामने आया कि भाई राज गैंग के सदस्य भू-माफियाओं के लिए काश्तकारों को डरा-धमकाकर जमीन पर अवैध कब्जा करवाते हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के 24 घंटे में दो आरोपियों को दबोच लिया।  
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
ललित कुमार वर्मा उर्फ राणा (पुत्र कालूराम, निवासी चक मनोहरपुर, थाना चंदवाजी, जयपुर)  
महेन्द्र कुमार यादव उर्फ काना (पुत्र कैलाश चंद यादव, निवासी चक मनोहरपुर, थाना चंदवाजी, जयपुर)  
रंगदारी और सुपारी लेकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उक्त जमीन पर बने एक कमरे पर विक्रम योगी नामक व्यक्ति ने गैंग की मदद से अवैध कब्जा कर रखा था। विक्रम योगी के कहने पर बदमाशों को काश्तकारों को डराने-धमकाने और जान से मारने की सुपारी दी गई थी, जिसके तहत इस फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ पूर्व में भी अजीतगढ़, शाहपुरा, चंदवाजी और मनोहरपुर थानों में हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC), डकैती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामले दर्ज हैं।  
पुलिस टीम व विशेष योगदान
घटना का खुलासा करने वाली टीम में थानाधिकारी आशुतोष कुमार, उप-निरीक्षक सोहन लाल, सहायक उप-निरीक्षक मुकेश कुमार, तथा कांस्टेबल दीपचन्द, संदीप, सूरज, राजेन्द्र और रमेश शामिल रहे। वारदात का पर्दाफाश करने में कांस्टेबल राजेन्द्र (कांस्टेबल न. 2395) की विशेष भूमिका रही।  
आम जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, रंगदारी, अवैध कब्जे या फायरिंग कर भय पैदा करने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।  

Comments

Popular posts from this blog

राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रिश्र्वत लेते गिरफ्तार ।11/10/19

आयुष्मान योजना के तहत 70 वर्षीय महिला के पेट से 10 किलों की गांठ निकाली। महिला को मिली नई जिंदगी ।

लखनऊ कोर्ट में फायरिंग : मुख्तार अंसारी के राइट हैंड की गोली मारकर हत्या, एक बच्चा समेत चार पुलिसकर्मी जख्मी -*