डीडवाना , बेटियां भी बेटों से कम नहीं: ललासरी में घोड़ी पर सवार होकर निकली सुमित्रा की बिंदोरी
डीडवाना जिला से मोहम्मद साकिर राजस्थान*
*डीडवाना ,
बेटियां भी बेटों से कम नहीं: ललासरी में घोड़ी पर सवार होकर निकली सुमित्रा की बिंदोरी
डीडवाना।ग्रामीण अंचलों में अब बेटियों के प्रति समाज की सोच तेजी से बदल रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण गाँव ललासरी में देखने को मिला, जहाँ परसा राम पावड़िया की सुपुत्री सुमित्रा पावड़िया की बिंदोरी गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बैठाकर निकाली गई। परंपराओं को तोड़ते हुए जब बेटी घोड़ी पर सवार होकर निकली, तो पूरे गांव ने इस पहल की सराहना की।सुमित्रा की बिंदोरी के दौरान पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहा। सुमित्रा के चेहरे पर इस सम्मान की खुशी साफ झलक रही थी। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। यह आयोजन न केवल एक वैवाहिक रस्म थी, बल्कि समाज में "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" के संकल्प को दोहराने का एक माध्यम भी बना।समाज सेवक भगवाना राम पावड़िया ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान समय में बेटियों के प्रति समाज में एक नई जागृति आई है। उन्होंने जोर देकर कहा:आज के दौर में बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। अब वह समय बीत गया जब बेटों और बेटियों में फर्क किया जाता था। आज बेटियों को बेटों के बराबर समझना और उन्हें समान अवसर देना समाज की प्राथमिक आवश्यकता है।

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