जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी का। मीडिया से औपचारिक बात करते हुए डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि जोधपुर मंडल करीब 1626 रूट किलोमीटर में फैला है और इसके अधीन 144 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें से 15 स्टेशन 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत चुने गए
लोकेशन जोधपुर
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डी आर एम
त्रिपाठी
जोधपुर रेल मंडल, उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) का एक प्रमुख हिस्सा, इन दिनों अभूतपूर्व विकास की राह पर है। ये कहना है है जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी का। मीडिया से औपचारिक बात करते हुए डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि जोधपुर मंडल करीब 1626 रूट किलोमीटर में फैला है और इसके अधीन 144 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें से 15 स्टेशन 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत चुने गए हैं, जिनका कायाकल्प लगभग दो महीनों में पूरा हो जाएगा।
डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि, जोधपुर, जैसलमेर और पाली रेलवे स्टेशन को मेजर डवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में शामिल किया
गया है। इन स्टेशनों पर करोड़ों रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि जोधपुर रेलवे स्टेशन पर 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें 26 लिफ्ट्स, 16 एस्केलेटर्स, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट गेट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, वेटिंग लाउंज, डिजिटल डिस्प्ले, फूड कोर्ट जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यात्रियों को वर्ल्ड क्लास अनुभव मिलेगा।
जोधपुर मंडल से वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के रेल यातायात को नई गति मिली है। इसके साथ ही, भगत की कोठी, जोधपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत ट्रेनों मेन्टिनेश डिपो जोधपुर में बनाया गया है।
स्टेशनों पर करोड़ों रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि जोधपुर रेलवे स्टेशन पर 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें 26 लिफ्ट्स, 16 एस्केलेटर्स, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट गेट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, वेटिंग लाउंज, डिजिटल डिस्प्ले, फूड कोर्ट जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यात्रियों को वर्ल्ड क्लास अनुभव मिलेगा।https://youtu.be/xUkvVs0B2Ao?si=XJiC6BpCdAk7akCY
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