अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पैराटीचर्स, कहा- जब तक नियमितीकरण नहीं होता, जारी रहेगा आंदोलन* *मुख्य सचिव एवं शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा सचिव के शीघ्र नियमितीकरण के आश्वासन के पश्चात अनिश्चितकालीन धरना समाप्त*
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पैराटीचर्स, कहा- जब तक नियमितीकरण नहीं होता, जारी रहेगा आंदोलन* *मुख्य सचिव एवं शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा सचिव के शीघ्र नियमितीकरण के आश्वासन के पश्चात अनिश्चितकालीन धरना समाप्त*
18 जून 2025 जयपुर: लंबे समय से नियमित करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे पैराटीचर्स और शिक्षाकर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए राजधानी के शहीद स्मारक पर बुधवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. प्रदेशभर से पैराटीचर्स और शिक्षाकर्मी धरने में शामिल हुए. वहीं बड़ी संख्या में महिला पैराटीचर्स भी धरने में पहुंची. पैराटीचर्स ने साफ कर दिया था कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक धरने से नहीं उठेंगे.
राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत ने भी पैराटीचर्स और शिक्षा कर्मियों के धरने को अपना समर्थन दिया. धरने में पहुंचे महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि पैराटीचर काफी सालों से तृतीय श्रेणी शिक्षक के समान स्कूलों में शिक्षा देने का काम कर रहे हैं. तृतीय श्रेणी शिक्षकों की आधी तनख्वाह भी पैराटीचर्स को नहीं मिल पा रही है. उन्हें एक मजदूर के समान 16000 रुपए वेतन दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि साल 2008 में कुछ पैराटीचर्स को प्रबोधक बना दिया गया था, लेकिन आज भी 7000 से ज्यादा पैराटीचर्स और शिक्षाकर्मी नियमित होने से वंचित हैं.
राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय कांट्रेक्चुअल हायरिंग रूल्स 2022 बनाया गया था. तब सरकार ने कहा था कि 1 लाख 10 हजार कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया है. हालांकि किसी को भी 100% नियमित नहीं किया गया है. शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स भी इन नियमों के तहत आते हैं. राठौड़ ने कहा कि पैराटीचर्स को उसी दिन नियमित किया जाना चाहिए था, क्योंकि नियमों में लिखा है कि जो 5 साल की सेवा पूरी कर चुका है उसे नियमित किया जाएगा.
राठौड़ ने कहा कि पैराटीचर और शिक्षाकर्मी की सेवा 20 से 25 साल की हो गई है, लेकिन इन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है. शिक्षा विभाग की हठधर्मिता के कारण भी इन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है.
धरने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यसचिव तथा शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र नियमितिकरण की मांग की, जिसपर शिक्षा शासन सचिव ने आश्वस्त किया कि जल्द ही नियमित करने की कार्रवाई की जा रही है। उनके आश्वासन के बाद धरना स्थगित किया गया तथा शीघ्र नियमित करने के आश्वासन पूरा नहीं करने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सादर प्रकाशनार्थ, श्रीमान संपादक महोदय,
*गजेंद्र सिंह राठौड़* प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी महासंघ एकीकृत
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