बेटियों के हौसलों को मिली 'उड़ान': सरकारी स्कूल की 5 टॉपर छात्राओं ने की हेलीकॉप्टर की सैर
*डीडवाना ,
बेटियों के हौसलों को मिली 'उड़ान': सरकारी स्कूल की 5 टॉपर छात्राओं ने की हेलीकॉप्टर की सैर
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डीडवाना जिले का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ललासरी आज एक बार फिर पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना रहा। विद्यालय के नवाचारी प्रधानाचार्य और स्थानीय भामाशाह के अनूठे सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। विद्यालय की गत 5 वर्षों की कक्षा 12 की टॉपर छात्राओं को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए हेलीकॉप्टर से हवाई यात्रा करवाई गई।संयोग और गर्व की बात यह रही कि पिछले पांच वर्षों के सभी टॉपर विद्यार्थी बेटियां ही थीं, जो ग्रामीण क्षेत्र में 'बालिका शिक्षा' के सशक्तिकरण का जीवंत प्रमाण पेश करती हैं।
*भामाशाह और विद्यालय प्रशासन का अनूठा नवाचार*
प्रधानाचार्य डॉ. हरवीर सिंह जाखड़ के मार्गदर्शन में विद्यालय लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। डॉ. जाखड़ ने बताया कि विद्यालय के विकास में स्थानीय भामाशाह ओमप्रकाश पावड़िया (पुत्र चतराराम पावड़िया) का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने अब तक विद्यालय में लगभग 15 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए हैं।प्रिंसिपल के आग्रह पर, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भामाशाह ने इन मेधावी छात्राओं को हेलीकॉप्टर की सैर कराने का बीड़ा उठाया। विद्यालय परिसर में ही अस्थाई हेलीपैड बनाया गया, जहाँ सैकड़ों ग्रामवासियों की मौजूदगी में हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी।
*आसमान छूने वाली पांच 'लाडलियाँ*
हेलीकॉप्टर की सवारी करने वाली भाग्यशाली छात्राओं में झिंकल जांगिड़ लक्ष्मी गुर्जर गीतांजली मेघवाल कोमल गुर्जर मुन्नी मेघवाल शामिल है।
*छात्राओं के अनुभव: "सपने के सच होने जैसा*
हवाई यात्रा के बाद छात्राओं के चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था।झिंकल जांगिड़ ने भावुक होते हुए कहा, "यह हमारे लिए किसी सपने से कम नहीं है। आमतौर पर सरकारी स्कूलों में ऐसी सुविधाएं या मौके नहीं मिलते, लेकिन हमारे शिक्षकों की जागरूकता ने हमें यह सुनहरा अवसर दिया।कोमल गुर्जर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैंने हमेशा सोचा था कि एक दिन अपनी मेहनत से आसमान की सैर करूँगी, लेकिन स्कूल ने मेरा यह सपना इतनी जल्दी पूरा कर दिया, इसके लिए मैं बहुत आभारी हूँ।लक्ष्मी गुर्जर ने इसे अपने जीवन का सबसे अप्रत्याशित और सुखद अनुभव बताया।
*प्रदेशभर में चर्चा का विषय*
ललासरी का यह राजकीय विद्यालय अपने बेहतरीन बोर्ड परीक्षा परिणामों, आधुनिक संसाधनों और भामाशाहों के सहयोग के लिए राजस्थान के मॉडल स्कूलों में गिना जाता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के 'प्रतिभा प्रोत्साहन' कार्यक्रमों से न केवल विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास भी और मजबूत होगा।यह केवल एक हवाई यात्रा नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों के सपनों को दी गई उड़ान है जो सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत कर रही हैं।
(*बाइट 01प्रधानाचार्य डॉ. हरवीर सिंह जाखड़*)
(*बाइट 02 कमल गुर्जर छात्राओं*)
(*बाइट 03 लक्ष्मी गुर्जर छात्राओं*)





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