डीडवाना , महिला पर गाड़ी चढ़ाकर जानलेवा हमले के मामले में मकराना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, SP को सौंपा ज्ञापन









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महिला पर गाड़ी चढ़ाकर जानलेवा हमले के मामले में मकराना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, SP को सौंपा ज्ञापन


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डीडवाना जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे मनाना (मकराना) के एक पीड़ित परिवार ने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि 13 मार्च को हुई जानलेवा हमले की घटना के बावजूद पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। भाजपा जिला मंत्री आत्मप्रकाश नाई के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई है।

*​घटना का खौफनाक विवरण: हत्या की नीयत से चढ़ाई गाड़ी*
​दर्ज FIR संख्या 0075/2026 के अनुसार, घटना 13 मार्च 2026 की सुबह करीब 10:00 बजे की है। परिवादी मनोज कुमार सेन निवासी मनाना ने बताया कि उसकी पत्नी ललिता घर के बाहर बैठी थी, तभी पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी रतनलाल, उसकी पत्नी बाऊ देवी, पुत्र लोकेन्द्र उर्फ राहुल, योगेश उर्फ गुड्डू और पुत्री भारती उर्फ रेणु ने उसे घेर लिया।​आरोप है कि लोकेन्द्र उर्फ राहुल ने जान से मारने की नीयत से सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी को तेजी से दौड़ाकर ललिता के ऊपर चढ़ा दिया। इस भीषण हमले में महिला के दोनों पैर टूट गए और छाती में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। शोर सुनकर जब ग्रामीण इकट्ठा हुए, तब आरोपी मौके से फरार हो गए।

*प्रशासन में हमारी चलती है सरकारी कर्मचारी आरोपी पर गंभीर आरोप*
​ज्ञापन में मुख्य आरोपी रतनलाल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि रतनलाल एक सरकारी कर्मचारी है, जो घटना के बाद भी नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि "अभी कुछ नहीं हुआ है, देखते जाओ, अब एक-एक का नंबर आएगा। प्रशासन में हमारी चलती है, हमारा कुछ नहीं होगा।

*जांच अधिकारी की भूमिका संदिग्ध*
ज्ञापन के माध्यम से परिजनों ने जांच अधिकारी की कार्यशैली पर भी अविश्वास जताया है। परिजनों का कहना है कि ​घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक पीड़िता के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं।
​जांच अधिकारी ने उल्टा पीड़ित पक्ष को ही घर जाने की सलाह देते हुए कहा कि "हम अपने आप देख लेंगे", जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग रहे हैं।​सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को पकड़ने में रुचि नहीं दिखा रही है।

*​प्रतिनिधिमंडल की चेतावनी*
​भाजपा जिला मंत्री आत्मप्रकाश नाई ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा पीड़ित परिवार को इस तरह धमकाना प्रशासन के लिए शर्मनाक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और धाराएं नहीं बढ़ाई गईं, तो समाज और ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 

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(*बाइट 01 आत्म प्रकाश जिला अध्यक्ष मंत्री भाजपा*)

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