साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ मुहाना थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 'अभियान म्युल हंटर' के तहत म्युल अकाउंट्स से ठगी की रकम निकालने वाला शातिर गिरफ्तार











साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ मुहाना थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 'अभियान म्युल हंटर' के तहत म्युल अकाउंट्स से ठगी की रकम निकालने वाला शातिर गिरफ्तार
​जयपुर (देश का दर्पण ब्यूरो)।
जयपुर कमिश्नर कार्यालय के दक्षिण जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'म्युल हंटर' के तहत मुहाना थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी की रकम अपने खातों में प्राप्त कर कमीशन के बदले नकद उपलब्ध कराने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश भर में सक्रिय साइबर ठगों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।  
​विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई
​पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण, श्री राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री ललित कुमार शर्मा व सहायक पुलिस आयुक्त मानसरोवर श्री हेमेन्द्र शर्मा के निकट सुपरविजन में मुहाना थानाधिकारी श्री मुकेश कुमार (पु.नि.) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी संसाधनों और आसूचनाओं के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों (Mule Account) की निगरानी करते हुए यह कार्रवाई की।  
​गिरफ्तार आरोपी का विवरण
​नाम: योगेन्द्र सिंह पाल (उम्र 21 वर्ष) पुत्र श्री चन्द्रपाल  
​निवासी: 95, देव नगर, सी-रामपुरा रोड, थाना मुहाना, जयपुर  
​आपराधिक तरीका (Modus Operandi)
​खाते उपलब्ध कराना: आरोपी कमीशन के लालच में या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था।  
​ठगी की रकम प्राप्त करना: डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी या टास्क फ्रॉड जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले मुख्य साइबर ठग ठगी गई रकम सीधे इसी आरोपी के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे।  
​कैश विड्रॉल और लेयरिंग: रुपये खातों में आते ही आरोपी एटीएम के माध्यम से तुरंत नकद निकाल लेता था या आगे के खातों में ट्रांसफर कर मुख्य गैंग तक पहुंचाता था।  
​जांच में सामने आया है कि आरोपी के इन खातों के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 5 शिकायतें दर्ज हैं।  
​गठित पुलिस टीम
​इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी मुकेश कुमार खारडिया, हैड कांस्टेबल कानसिंह (2172), भंवर लाल (2411), कांस्टेबल रामजी लाल (9788), अन्नाराम (12499) तथा तकनीकी/साइबर शाखा के लोकेश, रामसिंह और विमलेश शामिल रहे।  
​पुलिस की आमजन से अपील व चेतावनी:
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति को या कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या यूपीआई आईडी इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और खाता धारक को भी साइबर ठगी के सहआरोपी के रूप में जेल जाना पड़ सकता है। साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

Comments

Popular posts from this blog

राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रिश्र्वत लेते गिरफ्तार ।11/10/19

आयुष्मान योजना के तहत 70 वर्षीय महिला के पेट से 10 किलों की गांठ निकाली। महिला को मिली नई जिंदगी ।

सावधान एक गलत गुगल सचॅ आपको बना सकता है कगांल।15/8/19