ऑपरेशन "म्यूल हंटर": जयपुर में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; स्कॉर्पियो, थाईलैंड की करेंसी व ₹1.5 लाख कैश जब्त
जयपुर। जयपुर दक्षिण की महेश नगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए किराए के बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 3 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1,50,000 की नकदी, थाईलैंड की विदेशी मुद्रा, एक स्कॉर्पियो कार, एटीएम कार्ड और 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
चाय की थड़ियों पर बनाते थे शिकार
आरोपी जयपुर के पॉश इलाकों में चाय की थड़ियों पर बैठकर स्कूल और कॉलेज के छात्रों को पैसों का लालच देते थे। कमीशन के आधार पर उनके बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे और फिर एटीएम से कैश निकाल लेते थे।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
25 सितंबर 2026 को महेश नगर थाने में एक रेस्टोरेंट संचालक सत्येंद्र कुमार मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि आदिल नाम का युवक उसके रेस्टोरेंट पर आता-जाता था और पहचान बढ़ाकर उसका बैंक अकाउंट ले लिया, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन में किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
आदिल बागडवा (27 वर्ष) - निवासी बीकानेर, हाल किराएदार महेश नगर, जयपुर।
हरिदास स्वामी (27 वर्ष) - निवासी बीदासर, चूरू, हाल निवासी मानसरोवर, जयपुर।
लक्ष्मण दास स्वामी (28 वर्ष) - निवासी बीदासर, चूरू, हाल निवासी मानसरोवर, जयपुर।
पुलिस की अपील (साइबर जागरूकता संदेश):
किसी भी लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट या जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
यदि कोई व्यक्ति बैंक अकाउंट खरीदने या बेचने की बात करे तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
गुमशुदा या चोरी हुए मोबाइल को ट्रेस करने के लिए CEIR पोर्टल का उपयोग करें।
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