मेहनत और समर्पण को मिला सम्मान: जयपुर के छह जवान बने ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’ पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
मेहनत और समर्पण को मिला सम्मान: जयपुर के छह जवान बने ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
आग से बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचाना हो या साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई, जवानों ने दिखाई अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता
जयपुर (विशेष संवाददाता)।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में उत्कृष्ट, सराहनीय और समर्पण भाव से कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कमिश्नरेट सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अगस्त माह 2026 के लिए चयनित छह जवानों को 'कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ' अवॉर्ड से सम्मानित किया।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि जयपुर पुलिस का मुख्य ध्येय 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय' की भावना को साकार करना है। इस प्रकार के सम्मान से न केवल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे और अधिक निष्ठा, लगन व समर्पण के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित होते हैं।
इन छह रणबांकुरों को मिला सम्मान:
सुरेश चंद (थाना वैशाली नगर - जिला पश्चिम): 10 अगस्त की रात सिरसी रोड स्थित एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। ईआर वाहन में तैनात जवान सुरेश चंद ने अदम्य साहस दिखाते हुए जान जोखिम में डालकर 7 लोगों को सुरक्षित निकाला। इतना ही नहीं, उन्होंने धुएं से घिरी एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर तीसरी मंजिल से सुरक्षित नीचे पहुंचाया।
राजेश जाखड़ (थाना शास्त्रीनगर - जिला उत्तर): साइबर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए म्युल खाताधारक को डिटेन कर मामला दर्ज कराया। साथ ही 1930 साइबर पोर्टल पर प्राप्त 70 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया एवं महिलाओं-बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों में तत्परता दिखाई।
राजकिशोर (थाना बजाज नगर - जिला पूर्व): पेंडिंग प्रकरणों के निस्तारण अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अगस्त माह में कुल 55 पेंडिंग केस तथा धारा 202 सीआरपीसी की 10 एवं 30 मर्ग पत्रावलियों का निस्तारण करवाया।
राजेश देवन्दा (थाना ज्योतिनगर - जिला दक्षिण): आपराधिक वारंटों की तामील में उत्कृष्ट कार्य करते हुए 194 पेंडिंग वारंट व 76 सम्मन का निस्तारण करवाया तथा 10 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई।
रामप्रसाद (यातायात पूर्व): पिंक स्क्वायर मॉल के सामने भारी बारिश के दौरान यातायात सुगम बनाए रखा और तत्परता दिखाते हुए एक आपातकालीन एम्बुलेंस को सुरक्षित रास्ता प्रदान करवाया।
नरेश कुमार राव (रिजर्व पुलिस लाइन): जयपुर में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के दौरान वीआईपी ड्यूटी, एस्कॉर्ट, पायलट और हार्डकोर अपराधियों की पेशी जैसी संवेदनशील व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक और समयबद्ध संचालन किया।

Comments
Post a Comment