जालूपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल स्नैचर गिरोह के 3 शातिर बदमाश गिरफ्तार; AI से फर्जी बिल बनाकर ऑनलाइन बेचते थे चोरी के फोन










जालूपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल स्नैचर गिरोह के 3 शातिर बदमाश गिरफ्तार; AI से फर्जी बिल बनाकर ऑनलाइन बेचते थे चोरी के फोन
​जयपुर (विशेष संवाददाता)।
जयपुर शहर में राहगीरों से मोबाइल और पर्स छीनने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जालूपुरा थाना पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो न केवल सड़कों पर झपटमारी कर मोबाइल छीनता था, बल्कि सॉफ्टवेयर के जरिए लॉक तोड़कर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से फर्जी बिल बनाकर उन्हें ऑनलाइन बेच देता था। पुलिस ने मामले में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।  
​पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर, करन शर्मा ने बताया कि आगामी त्योहारों और शहर में बढ़ रही स्नैचिंग की वारदातों को देखते हुए सभी थानाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त द्वितीय बजरंग सिंह के निर्देशन, सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली वृत) ओमप्रकाश गोदारा के पर्यवेक्षण तथा जालूपुरा थानाधिकारी बृजेश सिंह तँवर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।  
​ऐसे हत्थे चढ़े बदमाश
​20 सितंबर को कांस्टेबल शिवराज (10064) से मिली गुप्त सूचना के आधार पर हेड कांस्टेबल धन्नाराम मय टीम ने गोपीनाथ मार्ग पर दबिश दी, जहाँ दो युवक शोएब और फरमान अली चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में खड़े थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके पास से छीने गए मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल तथा फर्जी बिल बरामद किए।  
​इनकी निशानदेही पर 21 सितंबर को पुलिस ने तीसरे आरोपी मुकीम को गिरफ्तार किया और उसके पास से 1 अन्य मोबाइल फोन बरामद किया।  
​बरामदगी एक नजर में:
​छीने गए मोबाइल फोन: 05  
​मोबाइल डिस्प्ले पैनल: 40  
​मोबाइल बैटरियां: 24  
​लैपटॉप: 01 (लॉक तोड़ने और बिल बनाने में प्रयुक्त)  
​वाहन: 01 बाइक (वारदात में प्रयुक्त)  
​हाईटेक था वारदात का तरीका
​पुलिस पूछताछ में गिरोह के चौंकाने वाले मॉडस ऑपरेंडी (तरीके) का खुलासा हुआ है:  
​झपटमारी: बदमाश बाइक से निकलते थे और सड़क पर पैदल चलते हुए फोन पर बात करने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे। बाइक पर पीछे बैठा लड़का तेजी से मोबाइल छीनता और भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक का फायदा उठाकर फरार हो जाते थे।  
​सॉफ्टवेयर से लॉक तोड़ना: छीने गए मोबाइलों का लॉक आरोपी फरमान अली अपने लैपटॉप में सॉफ्टवेयर के जरिए तोड़ देता था।  
​AI से फर्जी बिल: ग्राहकों को गुमराह करने के लिए AI की मदद से मोबाइल का कूटरचित (फर्जी) बिल तैयार किया जाता था और फिर उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेच दिया जाता था।  
​पार्ट्स बेचना: जिन मोबाइलों के लॉक नहीं टूट पाते थे, उन्हें खोलकर उनकी डिस्प्ले, बैटरी और अन्य पार्ट्स को अलग-अलग मार्केट में बेच दिया जाता था।  
​पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने जयपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में 15 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। शेष वारदातों के माल और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।  
​गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
​मुकीम खान (18 वर्ष) – निवासी बरेली (उत्तर प्रदेश), हाल किराएदार: चार दरवाजा, गंगापोल रोड, थाना सुभाष चौक, जयपुर।  
​शोएब (22 वर्ष) – निवासी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश), हाल किराएदार: ईदगाह, थाना गलतागेट, जयपुर।  
​फरमान अली उर्फ सैम खान (20 वर्ष) – निवासी फतेहगंज वेस्ट, बरेली (उत्तर प्रदेश), हाल किराएदार: ईदगाह, थाना गलतागेट, जयपुर।  




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