धौलपुर में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन, शिक्षा की शक्ति से ग्रामीण विकास को नई दिशा— प्रबंध निदेशक, आईआईएफसीएल

धौलपुर में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन, शिक्षा की शक्ति से ग्रामीण विकास को नई दिशा— प्रबंध निदेशक, आईआईएफसीएल 

जयपुर, 20 नवंबर। धौलपुर जिले के कछपुरा आंगई में गुरूवार को आईआईएफसीएल एवं जिला परिषद धौलपुर के सहयोग से ग्रामीण डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। यह पहल विकसित भारत के विज़न को ग्रामीण विकास के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें शिक्षा को आधार स्तंभ माना गया है।

कार्यक्रम में आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक श्री पलाश श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीण भारत ही हमारे देश की असली ताकत है। यदि गांवों के बच्चे डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़ जाएँ तो वे किसी भी बड़े शहर के बच्चों से कम नहीं रहेंगे। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पढ़ाई और तकनीक तक बराबर पहुंच हर बच्चे का अधिकार है। उन्होंने सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हमारे युवा नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओ बचे और दूसरो को भी जाग्रत करें। हेलमेट, सीट बेल्ट और सड़क के नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटना कम कर सकते है। 

श्री श्रीवास्तव ने आगे कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह नए अवसरों की कुंजी है। डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य गांव के हर बच्चे, खासकर लड़कियों को वह मंच देना है, जहाँ से उनका सपना ऊँचाई छू सके। हम चाहते हैं कि यह लाइब्रेरी सिर्फ पढ़ने की जगह नहीं बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का केंद्र बने।

 आईआईएफसीएल जिला परिषद के साथ साझेदारी करके धौलपुर जिले के कई गांवों में ऐसी आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर रहा है, जिनमें कंप्यूटर लैब, डिजिटल टीवी, वाई—फाई,आरामदायक फर्नीचर सहित बच्चों के विकास हेतु कॅरियर काउंसलिंग के साथ कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला परिषद सीईओ श्री आव्हाद निवृत्ति सोमनाथ ने इस परियोजना को ग्रामीण शिक्षा में एक नई क्रांति बताते हुए कहा कि यह डिजिटल लाइब्रेरी 'संविधान घर' के नाम से जानी जाएगी, जिससे ग्रामवासियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति समझ, डिजिटल इंडिया में सहभागिता, जनभागीदारी के साथ सामुदायिक स्वामित्त्व की भावना, रोज़गार और कौशल विकास में मदद, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार जिससे ग्रामीणों के जीवन में भविष्य में दूरगामी स्थायी बदलाव देखने को मिलेंगे। 

इस मिशन का उद्देश्य जन—भागीदारी के साथ महिलाओ और छात्राओं को सशक्त बनाना है। लड़कियां भी अपने गांव में दूसरी लड़कियों के लिए आदर्श बनेगी, जो गांव से देश—प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
 
कार्यक्रम में जिला परिषद से पवन कुमार, गौरव सिंघल, ऐश्वर्य मुद्गल एवं आईआईएफसीएल की ओर से श्री सुबोध शर्मा, विकास अधिकारी गिर्राज, रामलखन मीणा, किशन सिंह, धर्मेंद्र, समीप की अनेक ग्राम पंचायतों के गणमान्य, युवा तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
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