शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर 15.04 लाख की ठगी का पर्दाफाश, सीकर से दो आरोपी गिरफ्तार खाते उपलब्ध करवाकर कमीशन ऐंठने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह के सदस्यों पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर 15.04 लाख की ठगी का पर्दाफाश, सीकर से दो आरोपी गिरफ्तार
खाते उपलब्ध करवाकर कमीशन ऐंठने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह के सदस्यों पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जयपुर (विशेष संवाददाता):
जयपुर पुलिस आयुक्तालय के साइबर पुलिस थाने ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए institutional शेयर ट्रेडिंग और कमोडिटी मार्केट में अधिक मुनाफे का लालच देकर ₹15,04,999 की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में राजस्थान के सीकर जिले से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह है पूरा मामला
साइबर पुलिस थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित से ईजेड (EZ/ezinvest) नाम की कंपनी के माध्यम से इंटरनेशनल कमोडिटी और शेयर मार्केट में निवेश पर भारी रिटर्न का झांसा देकर संपर्क किया गया था। जालसाजों के झांसे में आकर परिवादी ने 03 जुलाई से 27 जुलाई के दौरान 6 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 15 लाख 4 हजार रुपये की राशि आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।
सीकर के दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनुष्ठा कालिया (IPS) के मार्गदर्शन एवं साइबर थानाधिकारी/अनुसंधान अधिकारी हेमराज (RPS) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों का विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाते हुए सीकर जिले के खंडेला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
शिवचरण उर्फ विष्णु सैनी (54 वर्ष), निवासी- जैन मोहल्ला, रॉयल रोड घाटेश्वर, खंडेला, सीकर।
राजेश कुमार सैनी (39 वर्ष), निवासी- जैन मोहल्ला, रॉयल रोड घाटेश्वर, खंडेला, सीकर।
मोडस ऑपरेंडी: बैंक खातों का कमीशन खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन पर ऑनलाइन बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) खुलवाते थे। इसके बाद लोगों से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी गई रकम को इन खातों में जमा करवाकर अपना कमीशन काटकर बाकी राशि आगे अन्य म्यूल खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में हेड कांस्टेबल संजय कुमार, हेड कांस्टेबल दिलीप सिंह, कांस्टेबल संदीप कुमार और कांस्टेबल विक्की कुमार की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2)(बी) तथा IT एक्ट की धारा 66C व 66D में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयपुर पुलिस की आमजन से अपील:
1930 पर करें संपर्क: यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
सावधान रहें: अनजान व्हाट्सएप लिंक, APK फाइल, पेंशन कार्ड या शेयर बाजार में भारी मुनाफे के दावों से बचें।
डरे नहीं: यदि कोई व्यक्ति खुद को सीबीआई, ईडी, कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराए, तो घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित करें।



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