जयपुर पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: 'साइबर शील्ड' अभियान के तहत 21 अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार, 18.5 करोड़ से अधिक के देशव्यापी घोटाले का पर्दाफाश
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जयपुर पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: 'साइबर शील्ड' अभियान के तहत 21 अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार, 18.5 करोड़ से अधिक के देशव्यापी घोटाले का पर्दाफाश
जयपुर (विशेष संवाददाता): जयपुर दक्षिण पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "साइबर शील्ड" (म्यूल हंटर) के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) श्री राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में 21 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इन ठगों के नेटवर्क के जरिए देश भर में करीब 18.5 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घोटालों का खुलासा हुआ है।
15 मामलों में 21 आरोपी गिरफ्तार, 101 साइबर शिकायतें दर्ज
पुलिस आयुक्त कार्यालय (दक्षिण) से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न पुलिस थानों में कुल 15 मामले दर्ज कर 21 आरोपियों को दबोचा गया है। आरोपियों के पास से बरामद चेकबुक और पासबुक के खाता नंबरों को साइबर पुलिस पोर्टल 1930 पर जांचा गया, जिससे देश के अलग-अलग राज्यों से 101 साइबर शिकायतों का संबंध सामने आया।
इन 101 शिकायतों में कुल 18 करोड़ 60 लाख रुपये की साइबर ठगी पाई गई है, जिनमें से 45 लाख 83 हजार रुपये से अधिक की राशि को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करवाया जा चुका है।
बरामदगी का विवरण:
- नकद व विदेशी मुद्रा: 2,04,500 रुपये नकद तथा 12 थाईलैंड करेंसी के नोट।
- गैजेट्स: ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 38 मोबाइल फोन।
- वाहन: 1 लग्जरी कार (स्कोर्पियो)।
- दस्तावेज: 25 बैंक चेकबुक, 20 पासबुक, 30 एटीएम/डेबिट कार्ड और 15 अन्य व्यक्तियों के फर्जी पैन व आधार कार्ड।
अभियान के दौरान पुलिस की अन्य प्रमुख उपलब्धियां (01 जनवरी से 17 अक्टूबर 2026):
- शिकायतों का त्वरित निस्तारण: लंबित 31,976 साइबर शिकायतों में से 25,808 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
- मोबाइल रिकवरी: 1.05 करोड़ रुपये मूल्य के कुल 542 गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर पीड़ितों को लौटाए गए।
- रकम होल्ड व रिफंड:
- साइबर ठगों के खातों में 8.84 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड करवाई गई।
- 'ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0' के तहत 1.77 करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस रिफंड करवाए गए।
- एमआरएम (MRM) पोर्टल के जरिए 1,045 शिकायतों में 93.84 लाख रुपये का रिफंड कराया गया।
- देशभर में वांछित अपराधियों पर शिकंजा: समन्वय पोर्टल के आधार पर देश के विभिन्न राज्यों में वांछित 944 साइबर अपराधियों की तलाश कर उन्हें नोटिस तामील करवाए गए।
- जनजागरूकता: 20 स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर 7,000 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
ठगी के तरीके (Modus Operandi):
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा ठगी के कई नए और खतरनाक तरीकों का खुलासा हुआ है:
- सीबीआई (CBI) अफसर बनकर डराना: खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर हवाला के रुपयों का डर दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवाना।
- म्यूल अकाउंट्स बेचना: 8 से 10 हजार रुपये प्रति खाते के हिसाब से फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts) बेचना और उनमें कमीशन लेकर फ्रॉड की रकम मंगाना।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व डिजिटल अरेस्ट: OLX पर सस्ती गाड़ियां बेचने का लालच देना, फर्जी स्क्रीनशॉट भेजना और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगी करना।
- फेक सोशल मीडिया पेजों से ठगी: फेसबुक पर '3D Murti' का फर्जी पेज बनाकर एडवांस पैसे ऐंठना।
जयपुर पुलिस की आमजन से अपील:
पुलिस उपायुक्त श्री राजर्षि राज ने आमजन से सावधान रहने की अपील की है:
- बैंक खाता शेयर न करें: किसी भी लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट किसी को न बेचें और न ही शेयर करें।
- सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का उपयोग करें: मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।
- हेल्पलाइन नंबर 1930: साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल 1930 या
cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं। - उद्गम (UDGAM) पोर्टल से जांचें: आरबीआई के UDGAM पोर्टल व बैंक शाखा जाकर जांच करें कि आपके खाते का कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा।




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