सब सुत मोहि प्रान की नाई,राम देत नहि बनइ गुसाई। असुर समूह सतावहि मोही,मै याचन आयहु नृप तोही।
सब सुत मोहि प्रान की नाई,राम देत नहि बनइ गुसाई।
असुर समूह सतावहि मोही,मै याचन आयहु नृप तोही।
पिनाहट। कस्बे मे चल रही रामलीला मे रविवार को अयोध्या मे महाराज दशरथ के यहां मुनि विश्वामित्र आकर राम सहित लक्ष्मण को मांगते हुए कहते है कि हे राजन वन मे राक्षस यज्ञ नही करने देते इसलिये आप यज्ञ रक्षा कि लिये मुझे राम लक्ष्मण को दे दो।तब दशरथ जी महाराज विश्वामित्र से कहते है।सब सुत मोहि प्रान की नाई।राम देत नहि बनइ गुसाई।किन्तु विश्वामित्र राम लक्ष्मण को अपना साथ वन मे ले जाते है।जहां भगवान राम ताडका, मारीच , सुबाहु जैसे अनेक बलवान राक्षसो का वध कर मुनिया का यज्ञ की रक्षा करते है।लीला मंचन के दौरान बडी संख्या मे लोग लीला का आनंद लेने पहुंचे।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा, व्यास ब्रह्मानंद पाठक,रामनिवास शर्मा, मनोज तिवारी,डॉ सतीश जादौन,श्याम सुंदर महेरे , महावीर ओझा , विनोद अरेले, अनिल गुप्ता , निखिल गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे
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