डांगावास प्रकरण: 40 आरोपियों के बरी होने पर जताया आक्रोश, भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
*डीडवाना से खबर*
डांगावास प्रकरण: 40 आरोपियों के बरी होने पर जताया आक्रोश, भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
डीडवाना।वर्ष 2015 के चर्चित डांगावास हत्याकांड मामले में मेड़ता की विशेष एससी/एसटी अदालत द्वारा सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कड़ा विरोध व्यक्त किया है। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।भीम आर्मी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2015 में नागौर जिले के डांगावास गांव में जातिगत विद्वेष के कारण 5 दलितों सहित कुल 6 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मेड़ता सिटी थाने में प्राथमिकी FIR नं. 68/2015 दर्ज हुई थी। लगभग 11 वर्षों तक चले विचारण के बाद बीते 5 अगस्त 2026 को विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट मेड़ता ने संदेह का लाभ देते हुए सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो 6 लोगों की हत्या किसने की? इस फैसले से पीड़ित परिवारों और दलित समाज में असुरक्षा व अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो गया है।मांग की गई कि राज्य सरकार मेड़ता न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर) में तुरंत आपराधिक अपील दाखिल करे और दोषियों को सजा दिलाए।पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।घटना के समय सरकार द्वारा जिन 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, उनमें से सीबीआई जांच के अलावा शेष सभी लंबित मांगों को अविलंब पूरा किया जाए।ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्थान के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपते समय भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव राजूराम चंदबासनी सहित संगठन के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




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