स्वर्णकार समाज के महाराजा अजमीढ़ की जयंती मनाई ,निकाली कलश यात्रा
स्वर्णकार समाज के महाराजा अजमीढ़ की जयंती मनाई ,निकाली कलश यात्रा
देश का दर्पण
दांतारामगढ़ (नरेश कुमावत ) कोछोर रोड़ पर स्थित अजमीढ धाम में स्वर्णकार समाज के आराध्य अजमीढ़ महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई संस्था के अध्यक्ष नरेश सोनी ने बताया की को जीणमाता मंदिर के पास से अजमीढ़ धाम तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें स्वर्णकार समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। कलश यात्रा में पुरुष महिलाओं व बालिकाओं ने भक्तिगीत पर नृत्य किया कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं शामिल थी सुबह अजमीढ़ महाराज की पूजा आरती की गई और प्रसाद वितरण हुआ इस अवसर भामाशाहो, कार्यकर्ता, महिलाओं को प्रशस्ति पत्र व सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम समारोह में वक्ताओं ने कहा कि अजमीढ़ महाराज किसी एक जाति या धर्म के गुरु नहीं, बल्कि समाजवाद के सच्चे धोतक थे। उन्होंने समाज में एकरूपता लाने का काम किया। वहीं उन्होंने स्वर्ण आभूषणों को बनाने का कार्य किया और आने वाली पीढि़यों को यह हुनर विरासत में दिया। इस अवसर पर भामाशाह ज्ञानचंद बंसल व नंद किशोर , ललित कुमार द्वारा जयंती के शुभ अवसर पर दो हॉल की आधारशिला रख कर निमार्ण कार्य शुरू किया देशभर से आये सैकड़ों समाज बन्धु उपस्थित रहे। समारेाह में संस्थान के प्रभूदयाल डांवर के संयोजन में विशिष्ट सहयोगियों को सम्मानित किया गया।


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