कागजों में रिबोर हो गये हैंडपंप समस्या जस की तस बरकरार।
कागजों में रिबोर हो गये हैंडपंप समस्या जस की तस बरकरार।
रिपोर्ट राकेश पाण्डेय
देश का दर्पण जनपद सीतापुर उत्तर प्रदेश
सीतापुर। लाखों रुपए सरकारी नलों की मरम्मत एवं रिबोर पर खर्च हो गए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प के रिबोर किए जाने में खेल किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायत महाराज नगर जिन हैंड पम्पों की मरम्मत दर्शा कर लाखों रुपये का गोलमाल किया गया है। उसमें अधिकांश नलों से बूंद भर पानी नहीं निकल रहा है। जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। अफसरों ने जांच कराना मुनासिब नहीं समझा। जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
केस एक : महाराज नगर बाजार क्षेत्र के पास लगा हैंडपम्प बदहाल है। सही रिबोर न होने के कारण हैंडपंप से पानी दूषित आ रहा है। जिसे पीकर ग्रामीणों में बीमारियां पनप रहीं हैं।
केस दो : मंगला देवी मांटेसरी स्कूल के पास लगा हैंड पंप चारों तरफ गन्दगी से पटा हुआ है। जिसका पानी पीने से ग्रामीण कतराते हैं। जिससे ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल पाता है। मामला प्रकाश में आया है।
केस तीन: गजनी पुर बाजार में मस्जिद के पास लगा सरकारी हैंड पम्प रिबोर ना होने के कारण आज भी पानी नहीं दे रहा जिससे आसपास के ग्रामीणों को पानी की समस्या बनी हुई है।

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