कृषि वानकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने व किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से आयोजित हुई गोष्ठी।


कृषि वानकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने व किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से आयोजित हुई गोष्ठी।



रिपोर्ट राकेश पाण्डेय
देश का दर्पण जनपद सीतापुर उत्तर प्रदेश


सीतापुर। जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि वानकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने व किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से सीतापुर वन विभाग व दिल्ली की टेरी संस्था के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने हेतु एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में क्षेत्रीय किसानों ने पहुंच कर किसान गोष्ठी को सफल बनाया वही टेरी संस्था के आये वैज्ञानिक व पदाधिकारियों के विचारों को सुन कर अपनी भी बातें रखी।
आपको बता दें, कि दिल्ली से आए टेरी संस्था के वैज्ञानिक सैयद आरिफ ने कहा उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है जहां प्रदेश के तीस से अधिक जिलों में किसान अपनी निजी भूमि में कृषि वानिकी के अन्तर्गत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर रहे हैं। राज्य ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया है और पिछले कुछ वर्षों में किसानों और अन्य सरकारी विभागों के सहयोग से पचहत्तर करोड़ से अधिक पौधे भी रोपित किए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य में किसानों द्वारा कृषि वानिकी कृषि सिल्वीकल्चर ब्लॉक वृक्षारोपण पट्टी वृक्षारोपण उच्च घनत्व उर्जा वृक्षारोपण जैसे विभिन्न मॉडलों से अपनाया गया है। कृषि वानिकी के अन्तर्गत किए गए वृक्षारोपण से कार्बन पृथ्वी करण हो रहा है किसान उस कार्बन क्रेडिट को बाजार में बेचकर अनुपूरक आय प्राप्त कर सकते हैं, जो जोखिम में कमी को सक्षम कर सकती है और जलवायु परिवर्तन में कमी की दिशा में योगदान कर सकती है।
भारत ने 2017 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की घोषणा की है भारत में उद्योगों के गठबंधन ने क्लाइमेट वीक पर न्यूयॉर्क सिटी में 2050 तक सोने के उत्सर्जन के लिए उद्योग चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं और जलवायु परिवर्तन पर निजी क्षेत्र की घोषणा के तहत नियोजित मानकीकरण के समर्थन का भी वादा किया है। इण्डिया सीईओ फोरम एंड क्लाइमेट चेंज ने पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और निजी क्षेत्र के बीच एक दीर्घकालिक और अस्थाई साझेदारी स्थापित की है इस प्रकार कृषकों द्वारा कृषि वानिकी में किए गए वृक्षारोपण से कार्बन क्रेडिट क्रय हेतु उद्योगों ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
किसानों को किस तरह से मिलेगा लाभ--
डीएफओ बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि एक टन कार्बन डाइ ऑक्साइड के लिए छः अमेरिकी डॉलर की दर से किसानों को रोपित प्रजातियों के अनुक्रम दर के आधार पर प्रति वर्ष ₹222 का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा,साथ ही किसान फसल चक्र और बाजार पहुंच की सुविधा के अनुसार पेड़ों की कटाई के लिए स्वतंत्र होंगे। सरकार किसानों या पंचायत को अपने वृक्षारोपण के लिए कर्मन फाइनेंस पर योजना तैयार करने के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा सम्पूर्ण परियोजना लागत टेरी और वीएनवी सलाहकार सेवाओं द्वारा वहन की जाएगी।
इस तरह की कार्बन फाइनेंस परियोजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उत्तर प्रदेश को कार्बन न्यूट्रल की ओर आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी
वही आगे बोलते हुए कहा इस उद्देश्य के लिए किसानों को तत्काल वनरक्षक के साथ निर्धारित प्रारूप के अनुसार वृक्षारोपण के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता है प्रत्येक बीट रेंज और डिवीजन की जानकारी संकलित की जाएगी और कार्बन वित्त परियोजना के विकास के लिए तेरी को भेजी जाएगी प्रयोजना की तैयारी अक्टूबर 2023 और नवंबर 2023 तक चलेगी इसके बाद कार्बन विश्व के लाभ सीधे किसानों को हस्तांतरित किए जाएंगे जो कार्बन प्रथक्करण के लिए वृक्षारोपण के लिए माने जानकारी के आधार पर होंगे। आगे कहते हैं जिन किसानों ने 2018 से लेकर अभी तक वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया है वह खसरा खतौनी वन विभाग में जमा कर दें जिन से शासन के द्वारा उन्हें लाभ दिलाया जा सके।
 इस अवसर पर टेरी संस्थान से आये वैज्ञानिकों के साथ सीतापुर डीएफओ व सीतापुर रेंज के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों के साथ साथ क्षेत्र के संभ्रांत किसान मौजूद रहे।

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