राजस्थान जयपुर के चोमू में अग्निपथ के विरोध में सत्याग्रह तिरंगा रैली निकाली गई, राजभवन के घेराव से प्रशासन ने रोका*
केंद्र सरकार की सेना में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती की अग्निपथ योजना के खिलाफ राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर सी.बी.यादव एवं डॉ. हनुमान बराला की पहल पर चोमू में सत्याग्रह तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस सत्याग्रह तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं की जोश एवं उत्साह के साथ भागीदारी रही। नौजवान हाथ में तिरंगा एवं अग्निपथ वापस करवाने एवं अधूरी भर्ती पूरी करने की तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस तिरंगा यात्रा में सम्मिलित अधिकांश युवाओं की मुख्य मांग अग्निपथ योजना को वापस करने के साथ-साथ उनकी अधूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करना अधिक थी। एक किलोमीटर से अधिक लंबी मोटरसाइकिल एवं कारों की रैली गढ़ गणेश से एसडीएम कार्यालय पहुंची जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सत्याग्रह तिरंगा यात्रा के पूर्व गढ़ गणेश पर जनसभा का आयोजन हुआ, जिसे पीसीसी प्रभारी ललित तुनवाल एवं राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त राजस्थान सरकार के युवा बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम लांबा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने संबोधित किया। सीताराम लांबा ने अपने उद्बोधन में बताया कि अग्निपथ की इस योजना से एक और युवाओं का भविष्य को मोदी सरकार ने खतरे में डाल दिया है तो दूसरी ओर देश की बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा के साथ ही केंद्र सरकार ने खिलवाड़ किया है तथा इसके लिए कॉन्ग्रेस पार्टी एक लंबी लड़ाई लड़ेगी। वही पीसीसी प्रभारी ललित तुनवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अभी प्रदेश के हालातों को देखते हुए राजभवन घेराव के कार्यक्रम को स्थगित किया जाता है यदि मोदी सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो प्रदेश के हालात सामान्य होने पर एक बड़े आंदोलन किया जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष लालाराम बलेसर एवं हरि नारायण यादव, पूर्व प्रधान भगवान सहाय धांसिल,पूर्व चेयरमैन सांवरमल चौधरी, पार्षद अभिषेक सैनी, सीताराम लांबा, संजय योगी,राज कुमार शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, कालाडेरा कॉलेज की पूर्व अध्यक्ष चंद्रकला सहित कई अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी अपने संबोधन में अग्नीपथ योजना की कड़े शब्दों में आलोचना की।
आरएलपी के छुट्टन यादव एवं लालाराम झाझड़ा सहित कई कार्यकर्ताओं ने हिस्सेदारी ली। छुट्टन यादव ने मोदी सरकार की इस अग्निपथ योजना को देश युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए युवाओं को इसके विरुद्ध एक लंबी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के कई किसान संगठनों के भी इस तिरंगा यात्रा में हिस्सेदारी रही। भारतीय किसान यूनियन जयपुर के जिला अध्यक्ष रामदेव यादव, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीचंद नेतड, सागरमल लांबा, जय किसान आंदोलन के विमल कुमार यादव, प्रभु दयाल यादव एवं एडवोकेट शंकर लाल यादव, यूथ फॉर किसान के सोहन लाल यादव, मुकेश केसवा सहित कई किसान नेताओं भी इस तिरंगा यात्रा में शरीक हुए। अहीर रेजिमेंट मंच के कार्यकर्ताओं ने इस सत्याग्रह यात्रा में अग्नीपथ योजना के माध्यम से रेजिमेंट खत्म करने के विरोध में अपना विरोध प्रदर्शन किया।
यह सत्याग्रह तिरंगा यात्रा राजभवन घेराव के लिए प्रस्तावित थी तथा इसके लिए मंगलवार को प्रशासन के साथ हुई मीटिंग में आवश्यक अनुमति भी प्रदान कर दी गई थी लेकिन उदयपुर की घटना के उपरांत पूरे प्रदेश धारा 144 लागू होने एवं अति संवेदनशील तक के माहौल को देखते हुए आयोजकों एवं प्रशासन के बीच आम सहमति से चोमू तक ही सीमित रखा गया। आयोजक मंडल के सदस्य सुरेश रावत, कैलाश समोता, कैलाश मोरवाल एवं शाहिद अली पठान ने बताया कि सत्याग्रह रैली की बड़े स्तर पर तैयारी की गई थी लेकिन देर रात बदली हुई परिस्थितियों में दूर से आने वाले लोगों को दूरभाष पर सूचित करके रैली में आने से रोका गया तथा रैली को सीमित रखने का ही कोर कमेटी ने निर्णय लिया लेकिन इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग इस रैली में पहुंचे। प्रशासन के सहयोग के लिए कोर कमेटी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।




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