इंटरनेशनल मार्केट में निवेश के नाम पर 15 लाख की ठगी: बैंक एजेंट निकला मास्टरमाइंड, बुजुर्गों व गरीबों के फर्जी खाते खोल ठगों को बेचे जयपुर कमिश्नरेट साइबर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई; गिरोह से जुड़ा एक और शातिर गिरफ्तार, अब तक 4 आरोपी सलाखों के पीछे






इंटरनेशनल मार्केट में निवेश के नाम पर 15 लाख की ठगी: बैंक एजेंट निकला मास्टरमाइंड, बुजुर्गों व गरीबों के फर्जी खाते खोल ठगों को बेचे
जयपुर कमिश्नरेट साइबर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई; गिरोह से जुड़ा एक और शातिर गिरफ्तार, अब तक 4 आरोपी सलाखों के पीछे
जयपुर (विशेष संवाददाता)।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस थाने ने इंटरनेशनल मार्केट और कमोडिटी में भारी मुनाफे का झांसा देकर 15.04 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित तकनीकी अनुसंधान करते हुए गिरोह के एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी सीधे-साधे बुजुर्गों, मजदूरों और छात्रों के दस्तावेजों पर फर्जी ऑनलाइन मर्चेंट खाते खोलकर साइबर ठगों को ऊंचे दामों पर बेचता था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कथित ‘ezinvest’ कंपनी के नाम से इंटरनेशनल मार्केट में कमोडिटी आदि में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद 6 अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए उससे कुल 15,04,999 रुपये ठग लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनुष्ठा कालिया के मार्गदर्शन तथा एसीपी साइबर क्राइम एवं थानाधिकारी हेमराज के सुपरविजन में हेड कांस्टेबल संजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
बैंक एजेंट ही निकला गिरोह का मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी राजकुमार उर्फ राजू कासोटिया (35), निवासी खूड़ (लोसल, सीकर) खुद एयरटेल पेमेंट बैंक का अधिकृत एजेंट है। उसने बैंक द्वारा दी गई खाता खोलने की सुविधा का दुरुपयोग किया। आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, बुजुर्गों, मजदूरों और छात्रों को थोड़े से पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक व मर्चेंट खाते खुलवाता था। इन खातों (म्यूल अकाउंट्स) का उपयोग वह खुद न करके देश भर के बड़े साइबर अपराधियों को भारी कमीशन और मोटी रकम के बदले बेच देता था। ठग इन्हीं खातों में पीड़ितों से ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे।
पुलिस इस मामले में अब तक कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और गिरोह के अन्य नेटवर्क की तलाश में गहन अनुसंधान जारी है।
बॉक्स: पुलिस की आमजन से अपील – न बनें अपराध में भागीदार
साइबर थाना पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है:
 * खाता किराए पर न दें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर या कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता न खुलवाएं और न ही किसी को उपयोग के लिए दें।
 * दस्तावेज सुरक्षित रखें: अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम पिन व बैंक ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
 * सह-आरोपी बनने का खतरा: यदि आपके खाते का उपयोग ठगी या अवैध गतिविधि में होता है, तो कानूनन खाताधारक को भी बराबर का दोषी (सह-आरोपी) माना जाएगा।
 * तुरंत करें शिकायत: शेयर मार्केट में फर्जी निवेश, वॉट्सऐप पर एपीके फाइल भेजने या ईडी/सीबीआई/इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट या डराने-धमकाने पर घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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