राजस्थान न्यूज़ ,जयपुर में पुर्व अध्यक्षा फिरोजा बानों द्वारा फर्जी दस्तावेजों से लाखों का गबन,,
पुर्व अध्यक्षा फिरोजा बानों द्वारा फर्जी दस्तावेजों से लाखों का गबन,, अब्दुल रज्जाक थोई/ देश का दर्पण जयपुर-15 वर्ष पुर्व फर्जी दस्तावेजों से दी राज लक्ष्मी महिला बैंक स्थित त्रिपोलिया बाजार जयपुर से लाखों रुपये का ऋण में पुर्व अध्यक्षा फ़िरोजा बानो व सहयोगियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। जिस पर पुलिस थाना मानक चौक (नॉर्थ) मे केस दर्ज किया गया है। दी राज लक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के अधीन गठित राजस्थान का अग्रणी महिला बैंक है जो भारतीय रिज़र्व बैंक से बैंकिंग का लाइसेंस प्राप्त है | बैंक का प्रबंधन राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत सहकारी विभाग राजस्थान के निर्देशन अनुसार होता है |
बैंक के सीईओ मो•इकबाल खान ने बताया की बैंक में 23 सितंबर 2007 को शाहीन पत्नी मो. इस्माईल निवासी 1841 मेहरो की नदी, चोकड़ी रामचंद्र जी जयपुर द्वारा ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन जिसके लिए उसके द्वारा अपनी सम्पति एन-1, राधा विहार दिल्ली रोड जयपुर को कोलेटरल सिक्यूरिटी बैंक में रहन किया | उस ऋण में सम्पति का जांच बैंक के अधिकारी सुभाष पुरोहित ने किया तथा बैंक की तत्कालीन पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो जो बैंक में ऋण कमेटी की अध्यक्षा थी के द्वारा 6 अक्तूबर-2007 को दो लाख पच्चास हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया | उन ऋणीयों के डिफाल्टर होने पर राज्य सरकार, न्यायालय उप रजिस्ट्रार द्वारा धारा 99/100 के तहत कुर्की/नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गयी I आरोपी शाहीन बानो पत्नी इस्माइल, भू माफिया इस्माइल, बैंक की पुर्व अध्यक्षा व ऋण कमिटी की अध्यक्षा फिरोजा बानो पुत्री अब्दुल जब्बार, निवासी- भोपाल (मध्य प्रदेश) के विरुद्ध सहकारी कानून के तहत राज्य सरकार न्यायालय उप रजिस्ट्रार द्वारा वसूली की डिक्री 20-01-2011 को जारी की गई जिसकी पालना में निष्पादन अधिकारी द्वारा रहन की गई सम्पति की कुर्की व् नीलामी प्रारंभ की | काफी प्रयासों के बाद भी सम्पति की कुर्की / नीलामी नहीं हो पाई |
बैंक में 10 फरवरी 2020 को किसी अब्दुल रहमान द्वारा सूचित किया गया की इस ऋण में रहन की गई सम्पति वन क्षेत्र में आती है जो की जंगल ( वन विभाग ) की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाया हुआ है |
इकबाल खान ने कहा की बैंक द्वारा विभागीय जाँच की गई तो मकान खसरा सं. 255/273 ग्राम मानपुर सडवा में पाया गया जो राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन पहाड़ दर्ज है तथा सरकारी भूमि है | उस सम्पति की गृह. नि. सह. स. के पास भी बैंक में रहन सम्पति का कोई रिकॉर्ड नहीं है। और रहन शुदा सम्पति का फर्जी / कूटरचित पट्टा बनाया गया है जो की पहाड़ काटकर अवैध रूप से सरकारी भूमि पर बना मकान है और फर्जी कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर आरोपी शाहीन बानो पत्नी इस्माइल, भू माफिया इस्माइल पुत्र रमजान खान , द्वारा बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो तथा लोन ऑफिसर से आपराधिक षड़यंत्र कर के भूमाफिया की मदद से खुद को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए तथा बैंक को आर्थिक नुकसान करने के लिए बैंक के साथ धोखाघडी कर बैंक राशि को हड़प लिया गया।
दोषी ऋणी शाहीन बानो के बैंक की कुल सात लाख त्यासी हजार सात सौ तैईस रुपये की राशि बकाया है | इस प्रकार अपराधीगण द्वारा धारा 193, 217, 218, 406, 420, 467, 120B भारतीय दण्ड सहिता तथा धारा 109 राज. सह. सो. अधि. के द्वारा अपराध किया गया। बैंक द्वारा सम्बंधित थाना पुलिस महानिदेशक राजस्थान, पुलिस कमिश्नर, मुख्य मंत्री राजस्थान सरकार के जिम्मेदार अधिकारियो को जरिये स्पीड पोस्ट/मेल पूर्व में सूचना दी गई थी। लेकिन जानबूझकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई । बाद में ऋण विभाग कार्यवाहक ऋण प्रभारी द्वारा जारी इस्तेगासा से न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाना मानक चौक जयपुर द्वारा कई धाराओं में धोखाधडी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस मामलें की जांच कर रही है।
इस प्रकरण में बैंक द्वारा मूल ऋणी शाहीन, पति व् सह आवेदक मो. इस्माइल, बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा फिरोजा बानो ऋण के गारंटर गुड्डी बेगम तथा रामविलास, फर्जी सोसायटी ओम शिव गृ. नि. स. स. के मंत्री के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।



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