मनोहरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन वाला ₹1000 का इनामी साइबर ठग राधेश्याम अरेस्ट

मनोहरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन वाला ₹1000 का इनामी साइबर ठग राधेश्याम अरेस्ट
​एक साल से चल रहा था फरार, पहाड़ियों में दबिश देकर पुलिस ने दबोचा
​ठगी की कमाई से खरीदी मोटरसाइकिल व ट्रैक्टर जब्त, थार जीप की तलाश जारी
​देशभर के विभिन्न राज्यों में 57 शिकायतें दर्ज, 7 अन्य मामलों में भी था वांछित
​जयपुर/मनोहरपुर (विशेष संवाददाता):
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे विशेष साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना मनोहरपुर की टीम ने पिछले एक साल से फरार चल रहे ₹1000 के इनामी और अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड के आरोपी राधेश्याम गुर्जर (23) को गिरफ्तार कर लिया है।  
​जिला पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) हनुमान प्रसाद ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए दिए गए सख्त निर्देशों के पालन में यह कार्रवाई की गई। एएसपी शाहपुरा लाखन सिंह और वृत्ताधिकारी लक्ष्मीनारायण सैनी के पर्यवेक्षण में मनोहरपुर थानाधिकारी (पुलिस निरीक्षक) आशुतोष कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आरोपी को धर दबोचा।  
​11-12 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन
​पुलिस जांच में भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन संचालित I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) पोर्टल के माध्यम से बैंक खातों की जांच की गई। इसमें खुलासा हुआ कि आरोपी राधेश्याम गुर्जर के नाम पर संचालित बैंक खातों के जरिए पिछले दो वर्षों में लगभग 11 से 12 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ है। यह स्थिति तब है जब आरोपी स्वयं बेरोजगार है और उसके पिता मजदूरी करते हैं।  
​57 शिकायतें दर्ज, फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले खाते
​जांच में सामने आया कि आरोपी के विभिन्न बैंक खातों के खिलाफ देशभर में हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कुल 57 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिनमें लगभग ₹26.74 लाख की ठगी की राशि जमा हुई है। आरोपी ने 'RD TRADING COMPANY' और 'देव फैशन पॉइंट' जैसी काल्पनिक फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवा रखे थे।  
​ठगी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी)
​आरोपी राधेश्याम शुरुआत में अपने खुद के खाते खोलकर अपने साथियों (जाफर खान, जीतू बनिया आदि) को 50 से 70 हजार रुपये प्रति खाता के हिसाब से बेचता था। बाद में वह नई चमचमाती महिंद्रा थार जीप (RJ52CA6677) में घूमकर आसपास के लोगों, दोस्तों और ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल कर लेता था। इन खातों को वह आगे 70-80 हजार रुपये में बेचता और खाताधारक को 30-40 हजार रुपये देता था, जिससे उसे प्रति खाता 30 से 40 हजार रुपये का सीधा मुनाफा व कमीशन मिलता था।  
​पहाड़ियों में छिपा बैठा था आरोपी
​मामला दर्ज होने (प्रकरण संख्या 226/25) के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर फरार चल रहा था। साइबर सैल की मदद और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस को आरोपी के ग्राम चन्हैयावाला की पहाड़ियों में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने पहाड़ियों में घेराबंदी कर काफी प्रयासों के बाद आरोपी को दबोच लिया।  
​वाहन जब्त, थार जीप की तलाश







​पुलिस ने आरोपी द्वारा साइबर ठगी की कमाई से खरीदे गए वाहनों में से एक मैसी डीआई ट्रैक्टर (RJ52RA5692) तथा एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल (RJ52SG3506) को जब्त कर लिया है। वहीं वारदात में प्रयुक्त महिंद्रा थार जीप की तलाश जारी है।  
​7 अन्य प्रकरणों में भी चल रहा था वांछित
​पकड़ा गया आरोपी राधेश्याम गुर्जर पुत्र बाबूलाल गुर्जर (निवासी सुंदरपुरा, थाना मनोहरपुर, जिला कोटपूतली-बहरोड़) देश के कई राज्यों एवं जिलों (जैसे दिल्ली स्पेशल सेल द्वारका, साइबर थाना अंबिकापुर छत्तीसगढ़, मंगोलपुरी दिल्ली, साइबर थाना जयपुर, कोटपूतली, कामां डीग, भरतपुर) के 7 अन्य साइबर मामलों में भी वांछित चल रहा था।  
​पुलिस टीम में शामिल सदस्य:
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी आशुतोष कुमार, उप-निरीक्षक सोहन लाल, सहायक उप-निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, कांस्टेबल रमेश चंद (1967), नीरज (2369), रामचंद्र (2173) तथा आशीष कुमार (1958) शामिल रहे।  

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